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Friday, 15 December 2017

अनुच्छेद 18 :- उपाधियों का अंत (Abolition of Titles)

उपाधि किसी के नाम के साथ जुड़ी हुई संज्ञा होती है। अनुछेद 18 किसी विशिष्ट सम्मान आदि के कारण प्राप्त विशेषाधिकारों की और नागरिक समानता स्थापित करने की घोषणा करता है। यह राज्य और प्राइवेट दोनों के प्रति ही प्रतिबंध लगाता है।

1. सेना एवं शिक्षा सम्बन्धी उपाधियों को छोड़कर अन्य उपाधियों को समाप्त करता है तथा राज्य द्वारा ऐसी उपाधियाँ देना वर्जित है।

2. भारत का कोई नागरिक किसी विदेशी राज्य से कोई उपाधि स्वीकार नहीं करेगा।

3. कोई व्यक्ति, राज्य के अधीन लाभ या विश्वास का पद धारण करता है, वह किसी विदेशी राज्य से या उसके अधीन किसी भी रूप में कोई भेंट, उपाधि या पद बिना राष्ट्रपति की सहमति के स्वीकार नहीँ करेगा।

            अनुच्छेद 18 के अपवाद

अनुच्छेद 18 का खण्ड (1) सेना और विद्या संबंधी उपाधियों को अपवाद स्वरूप रखता है। ताकि विश्वविद्यालय तथा संगीत और कला विषयक संस्थाएं अपने नेताओं, अध्यापकों तथा गुणीजनों को उपाधियाँ देकर सम्मानित कर सकें। इसीलिए भारत सरकार ने सैन्य मनोबल बनाये रखने के लिए परमवीर चक्र, महावीर चक्र, वीर चक्र और अशोक चक्र जैसे पदक दिए जाने की व्यवस्था की है।

            अनुच्छेद 18 में जो उपाधियों का अंत किया गया है उसका मुख्य कारण था सामाजिक समता की स्थापना। किसी भी नागरिक को विशेषाधिकार प्रदान न करना। इसी कारण ब्रिटिश काल में सम्राट या वायसराय द्वारा दी जाने वाली उपाधियों केसर- ए- हिन्द, सर नाईट हुड आदि को समाप्त कर दिया गया।

              अनुच्छेद 18 की घोषणा के पालन में ही भारत सरकार ने 4 नागरिक पुरस्कार -- भारत रत्न, पद्यविभूषण, पदमभूषण व् पद्य श्री दिए जाने की घोषणा की। लेकिन कुछ लोगों ने ऐसे पुरस्कारों को उद्देशिका में वर्णित 'प्रतिष्ठा और अवसर की समता' के विरुद्ध होने के आधार पर आलोचना की। न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा है कि इन सम्मानों को उपाधि के रूप में अपने नाम के साथ जोड़ना गलत है।

बालाजी राघवन  बनाम  भारत संघ, AIR 1996 SC 770 के वाद में उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि नागरिक सम्मान की वैधता परन्तु सरकार द्वारा इन सम्मानों को रोकना गलत।

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7 comments:

Unknown said...

Thanks Ad.arvind kumar ji

Alok Vaid Azad said...

Thanks Arvind ji Very good Information

Daily News And Analysis said...

Thanks for information sir

Arvind Kumar Adv. said...

You are most welcome

Arvind Kumar Adv. said...

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Arvind Kumar Adv. said...

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Unknown said...

stik जानकारी है धन्यवाद sir